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सोनम-आनंद की शादी के ख‍िलाफ श‍िकायत, गुरु का हुआ अपमान

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1/5सिख समुदाय की भावनाएं हुईं आहत

Complaint Against Sonam Kapoor And Anand Ahuja's Wedding For Hurting Sikh Sentiments News in Hindi

सोनम कपूर और आनंद आहूजा की ग्रैंड वेडिंग बीते पांच दिनों से लगातार चर्चा में है। सोशल मीडिया शादी और रिसेप्‍शन के फोटोज और वीडियोज से पटे पड़े हैं। फैंस से लेकर पूरा बॉलीवुड खुश है, लेकिन दुनिया के इस सबसे बड़े लोकतंत्र में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो आहत हो गए हैं। उन्‍होंने शादी के ख‍िलाफ अकाल तख्‍त में श‍िकायत की है। मामल धार्मिक भावनाओं का है।

2/5रहत मर्यादा का हुआ है उल्‍लंघन

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‘ट्र‍िब्‍यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सोनम और आनंद की पारंपरिक ‘आनंद कराज’ शादी ने सिख सुमदाय की भावनाओं को आहत करने काम किया है। बताया जाता है कि विवाह समारोह में ‘रहत मर्यादा’ का उल्‍लंघन हुआ है। रहत मर्यादा सिख धर्म में एक आदर्श सिख जीवन के लिए प्रस्तावित आचार संहिता है।

3/5स्‍वर्ण मंदिर से लाया गया था पवित्र ग्रंथ

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बता दें कि आनंद कराज समारोह के लिए अमृतसर के स्‍वर्ण मंदिर से गुरु ग्रंथ साहिब को लाया गया था। इस दौरान स्‍वर्ण मंदिर के पूर्व पुजारी ज‍सविंदर सिंह पवित्र ग्रंथ के पीछे बैठे हुए नजर आए थे और उन्‍होंने सोनम और आंनद को आशीर्वाद दिया था।

4/5पूर्व सेक्रेटरी ने जताई नाराजगी

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एसजीपीसी (श‍िरोमण‍ि‍ गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी) के पूर्व सेक्रेटरी सुखदेव सिंह बहुर ने आरोप लगाया है कि शादी में गुरु ग्रंथ साहिब के सामने आनंद की पगड़ी से कल्‍गी नहीं हटाई गई थी, जो नियमों का उल्‍लंघन है। श‍िकायतकर्ता की मांग है कि अकाल तख्‍त इस मामले में दखल दे और शादी में मौजूद एसजीपीसी के सदस्‍यों के ख‍िलाफ एक्‍शन लें।

5/5कल्‍गी नहीं हटाने का ये है अर्थ

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सुखदेव सिंह कहते हैं, ‘यह सिख समुदाय की भावनाओं का उल्‍लंघन है। गुरु ग्रंथ साहिब के आगे पगड़ी से कल्‍गी को हटाना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने का अर्थ है कि वह व्‍यक्‍ति‍ खुद को गुरुओं के बराबर समझ रहा है।’