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वो शख्स जिसने की श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को भारत लाने में मदद

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1/7बुधवार को हुआ अंतिम संस्कार

बोनी कपूर ने बुधवार शाम मुंबई के शवदाह ग्रह में बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार और अपनी पत्नी श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। दिवंगत श्रीदेवी की मृत्यु दुबई में 24 फरवरी की रात हुई थी। खबरों के मुताबिक, उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने में दुबई में रहने वाले भारतीय मूल के अशरफ ने मदद की थी। उन्होंने यह सहायता कानूनी कागजी कार्यवाही में की! अशरफ करीब 4700 शवों को उनके देश वापस भेजने में लोगों की मदद कर चुके हैं।

2/7क्या करते हैं अशरफ?

44 वर्षीय अशरफ दुबई में मरने वाले विदेशियों के परिजनों की मदद करते हैं। वो अब तक 38 देशों के करीब 4700 शवों को उनके देश वापस भिजवाने में लोगों की सहायता कर चुके हैं। बता दें, अशरफ लोगों की दुबई में होने वाली कानूनी कागजी कार्यवाही में मदद करते हैं।’

3/7उस दिन भिजवाए थे 5 शव

अशरफ ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मंगलवार की रात श्रीदेवी के पार्थिव शरीर के साथ-साथ उन्होंने 5 अन्य लोगों के शवों को भी उनके वतन वापस भिजवाने में मदद की थी।

4/7ऐसे पहुंचा था श्रीदेवी का पार्थिव शरीर मुंबई

जब श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को ले जाने के लिए क्लीयरेंस दे दी गई, तो अशरफ सरकारी मोर्चरी गए और वहां के अधिकारियों को सभी जरुरी कागजात सौंपे। इसके बाद श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को एंबुलेंस में रख कर प्राइवेट जेट तक ले जाया गया और यह जेट श्रीदेवी के शव को मुंबई लेकर आ गया।

5/7अंतिम संस्कार से पहले निकाली गई शव यात्रा

बुधवार को श्रीदेवी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लपेटा गया, इसके बाद सफेद फूलों से सजी गाड़ी में उनकी शव यात्रा निकली गई। इसके बाद उनके पति ने बोनी कपूर ने उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।

6/7अमिताभ ने उनके लिए ये कही शायरी

वहीं उनके जाने के दुख में कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया दिवंगत श्रीदेवी के लिए श्रद्धाजंलि दी। उनके अंतिम संस्कार के बाद अमिताभ बच्चन ने लिखा, ‘रहने दो सदा देहर में आता नहीं कोई, तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई।’ इसके साथ वो लिखते हैं, यह शायरी जावेद अख्तर ने उन्हें श्रीदेवी के अंतिम संस्कार के वक्त सुनाई थी और यह कहा था कि इसे प्रसिद्ध निर्देशक गुरू दत्त के गुजरने के समय लिखा गया था, जो कि आज के लिए भी सही साबित हो रही है।

7/7पति ने लिखा भावुक खत

ट्विटर पर शेयर किए इस पत्र में बोनी लिखते हैं, ‘एक दोस्त, पत्नी और दो युवा बेटियों की मां को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मैं अपने दोस्त, परिवार, सहयोगी, शुभचिंतक और अनगिनत फैंस का आभार जताना चाहूंगा, जो इस घड़ी में मेरे साथ खड़े रहे। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे अर्जुन और अंशुला का सपोर्ट और प्यार मिला। वे स्तंभ की तरह ताकत बनकर मेरे, जाह्नवी और खुशी के साथ खड़े रहे। हमने बतौर एक परिवार इस असहनीय घटना को झेलने की कोशिश की है।’