Home मूवी रिव्यू

Beyond The Clouds Review: दिल पर असर करती है ये फिल्‍म

Published:
SHARE
बियॉन्‍ड द क्‍लाउड्स समीक्षा

बियॉन्‍ड द क्‍लाउड्स

रेटिंग:

3.5/5

कास्‍ट:

ईशान खट्टर, मालविका मोहनन, तनिष्ठा चटर्जी, गौतम घोष

डायरेक्‍टर:

माजिद मजीदी

समय:

2 घंटे 3 मिनट

जॉनर:

ड्रामा

लैंग्‍वेज:

हिंदी

समीक्षक:

नील सोआंस

1/6कहानी

यह मुंबई में रहने वाले दो भाई-बहन की कहानी है। जिंदगी और हालात उन्‍हें पहले जुदा करती हैं, फिर मिलाती हैं। लेकिन समय की धूल ने अब दोनों के जीवन को बदलकर रख दिया है। बहन जेल चली जाती है और कहानी यहीं से नया मोड़ लेती है।

2/6समीक्षा

Beyond The Clouds Movie Review in Hindi

माजिद मजीदी मशहूर ईरानी फिल्‍मकार हैं। फिल्‍म का ओपनिंग शॉट मुंबई को एक नए अंदाज में पेश करता है और यहीं से आप माजिद की नजरों से शहर को देखना शुरू कर देते हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी विदेशी डायरेक्‍टर ने अपने अंदाज में कहानी कही हो और शहर को अपनी नजरों से पर्दे पर दिखाया हो।

3/6सिर्फ दुख और गरीबी नहीं

Beyond The Clouds Movie Review in Hindi

मजीदी का नजरिया केवल शहर की दुख और गरीबी को दिखाने के लिए नहीं है। वह एक अनुभवी कहानीकार हैं, जिसने कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं। उन्‍होंने मानवीय कथाओं को बुनने में एक विशिष्टता हासिल की है। ‘बियॉन्‍ड द क्‍लाउड्स’ यह दिखाता है कि कैसे चुनौतियां लोगों के जीवन के घने अंधेरे में चांदी सी चमकीली किरणे ला सकती हैं।

4/6ईशान खट्टर की जबरदस्‍त एक्‍ट‍िंग

Beyond The Clouds Movie Review in Hindi

माजिद मजीदी ने बॉलीवुड डेब्‍यू कर रहे ईशान खट्टर से बेहतरीन काम करवाया है। ईशान नेपोटिज्‍म के कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर खुद को साबित करते हैं। आमिर के किरदार में उन्‍होंने बहुत अच्‍छा काम किया है। मालविका मोहनन ने आमिर की बहन तारा का किरदार निभाया है। वह पैशन और मेलोड्रामा के बीच पतली डगर पर चलती हैं।

5/6जीवी शारदा का बेहतरीन अंदाज

Beyond The Clouds Movie Review in Hindi

दिग्‍गज दक्षिण भारतीय अभिनेत्री जीवी शारदा तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी हैं। उन्‍होंने अपने जीवन का एक और बेहतरीन प्रदर्शन किया है। तनिष्ठ चटर्जी ने अपनी छोटी, लेकिन प्रभावी भूमिका में एक विश्वसनीय अभिनेत्री के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत रखा है। फिल्‍म में कई प्यारे नन्‍हें कलाकार हैं, जिन्‍हें देखकर प्‍यार आता है।

6/6सिनेमेटोग्राफी और संगीत ने जीता दिल

अनिल मेहता की सिनेमेटोग्राफी बहुत ही जबरदस्‍त है। मजीदी के नजरिए से उनका कैमरा सुकून देता है। मुंबई कि चिरपरिचित जगहों को भी उन्‍होंने नए अंदाज में पेश करने का काम किया है। फिल्‍म की टेक्‍नीकल टीम ने भी बहुत अच्‍छा काम किया है। ए.आर. रहमान का संगीत यादगार है। फिल्‍म की कहानी को माजिद के विषय में दोहराव दिख सकता है, लेकिन बेहतरनी परफॉर्मेंसेज के बल पर ‘बियॉन्‍ड द क्‍लाउड’ फिल्‍मोग्राफी के रूप में एक बेहतरीन अनुभव है।