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Daas Dev Review: प्रेम कहानी कम और राजनीति ज्‍यादा है

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दास देव समीक्षा

दास देव

रेटिंग:

3.5/5

कास्‍ट:

राहुल भट्ट, रिचा चड्ढा, अदिति राव हैदरी, विनीत कुमार सिंह, सौरभ शुक्‍ला, दलिप ताहिल, विपिन शर्मा

डायरेक्‍टर:

सुधीर मिश्रा

समय:

2 घंटे 20 मिनट

जॉनर:

थ्रिलर

लैंग्‍वेज:

हिंदी

समीक्षक:

लस्‍याप्रिया सुंदरम

1/8कहानी

‘दास देव’ की कहानी का हीरो है देव। फिल्‍म में उत्तर प्रदेश का राजनीतिक मैदान है। देव एक राजनीतिक सिंहासन का वारिस है। वह पारो से प्‍यार करता है, जो राजनीतिक मैदान में उसे खुद चुनौती देती है। कहानी में चांदनी भी है, जो देव से प्यार करती है। यह जानते हुए भी कि उसका प्यार अनिश्चित है।

2/8समीक्षा

Daas Dev Movie Review in Hindi

शरत चंद्र चट्टोपाध्‍याय के उपन्‍यास ‘देवदास’ ने फिल्‍मकारों को पहले भी प्रेरित किया है और आज भी कर रही है। सुधीर मिश्रा की इस फिल्‍म को मौजूदा दौर के अनुरुप न सिर्फ ‘देवदास’ से प्रेरणा मिली है, बल्‍क‍ि उन्‍होंने विलियम शेक्‍सपीयर के ‘हेमलेट’ से भी बहुत कुछ लिया है। इन दोनों प्रेरणाओं के बूते सुधरी ने भारतीय राजनीति की कहानी कहने की कोश‍िश की है।

3/8राजनीतिक दंगल और प्‍यार

Daas Dev Movie Review in Hindi

बात ऐसी है कि देव (राहुल भट्ट) एक राजनीतिक उत्तराधिकारी है, लेकिन ये उसकी इच्‍छा नहीं है। वह पारो (रिचा चड्ढा) से बहुत प्यार करता है, लेकिन अपने चाचा अवधेश (सौरभ शुक्ला) की साजिशों का शिकार हो जाता है। पारो अपने प्‍यार को मौका नहीं देती और अपने अभ‍िमान को सबसे ऊपर रखती है। वह राजनीतिक कूदा-फांदी में अपने प्‍यार यानी देव से ही लड़ाई के मैदान में आ जाती है। इस बीच चांदनी (अदिति राव हादारी) एक ‘दूसरी’ महिला के रूप में देव की जिंदगी में आती है। एक राजनेताओं के लिए चाकरी करती है। लेकिन देव के लिए उसका प्‍यार निष्पक्ष है।

4/8प्रेम कहानी तो कहीं खो जाती है

Daas Dev Movie Review in Hindi

सुधीर मिश्रा इस फिल्‍म को बड़े कैनवास पर स्थापित करने की इच्‍छा रखते हैं। लिहाजा कहानी राजनीति कथाओं पर अध‍िक केंद्रित है और प्यार की कहानी धूमिल हो जाती है। फिल्म की पटकथा का एक बड़ा हिस्सा परिवार के सदस्यों और राजनीति में देव की प्रवेश के इर्द-गिर्द है। कहानी में ट्व‍िस्‍ट देव के चाचा अवधेश लाते हैं, जिनकी महत्वाकांक्षा है कि राजनीति एक राजवंशिक खेल बना रहे। इस पूरे कालक्रम में देव और पारो का प्‍यार कहीं खो जाता है। चांदनी की देव में दिलचस्‍पी भी कहानी में गायब हो जाती है।

5/8स्‍क्रीनप्‍ले में कसावट की कमी

Daas Dev Movie Review in Hindi

राहुल भट्ट के पास फिल्‍म में बतौर एक्‍टर बहुत कुछ करने का मौका मिलता है, जिसे वह बखूबी पूरा भी करते हैं। लेकिन पर्दे पर उनकी छवि ऐसी नहीं बन पाती, जो किरदार को जिंदा कर सके। रिचा चड्ढा और अद‍िति राव हैदरी ने अपने किरदार के साथ न्‍याय किया है। हालांकि, कई बार ऐसा लगता है कि वो और बेहतर कर सकते थे। सुधरी मिश्रा और जयदीप सरकार ने स्‍क्रीनप्‍ले लिखी है और इसमें कसावट की कमी नजर आती है।

6/8सौरभ शुक्‍ला ने किया है जबरदस्‍त काम

Daas Dev Movie Review in Hindi

फिल्‍म में सुधीर मिश्रा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह उपन्‍यास पर आधारित पूर्व में बनी फिल्‍मों से कुछ अलग कर जाते हैं। पिछली फिल्‍में जहां उपन्‍यास के हिसाब से चलती हैं, वहीं मिश्रा के किरदार अपनी कहानी खुद गढ़ते हैं। इस फिल्‍म में हर किरदार का एक ग्रे शेड भी है, जो फिल्‍म को रोमांच देता है। सपोर्ट‍िंग रोल में सौरभ शुक्‍ला ने जबरदस्‍त काम किया है। छाटे से रोल में अनुराग कश्‍यप भी हैं, जो अच्‍छा काम कर गए हैं।

7/8हजारों ख्‍वाहिशें हैं तो होगी निराशा

Daas Dev Movie Review in Hindi

‘दास देव’ का संगीत औसत है। यह फिल्‍म को असरदार बनाने में कोई भूमिका नहीं निभाती है। फिल्‍म का स्‍तर ऊंचा जरूर है, लेकिन यह दर्शकों को बांधकर नहीं रखती। वो दर्शक जो सुधरी मिश्रा से ‘हजारों ख्‍वाहिशें ऐसी’ जैसी फिल्‍म की अपेक्षा रखते हैं, उन्‍हें थोड़ी निराशा होगी।

8/8यहां देखें, ‘दास देव’ का ट्रेलर