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Qarib Qarib Singlle Review: धमाकेदार नहीं, स्‍वीट-सिंपल फिल्‍म

Updated: Nov 10, 2017 14:41 pm
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Qarib Qarib Singlle Movie Review in Hindi

करीब करीब सिंगल

रेटिंग:

3.5/5

कास्‍ट:

इरफान, पार्वती, नेहा धूपिया, ल्‍यूक कैनी

डायरेक्‍टर:

तनुजा चंद्रा

समय:

2 घंटे 05 मिनट

जॉनर:

रोमांस

लैंग्‍वेज:

हिंदी

समीक्षक:

नील सोआंस

1/6कहानी

‘करीब करीब सिंगल’ आज की कहानी है। सिंपल सी, लेकिन असरदार। दो अलग मिजाज के लोग मिलते हैं। उनमें प्‍यार होता है। एक असामान्‍य सी यात्रा के दौरान दोनों का प्‍यार परवान चढ़ता है और यह जिंदगी का सबसे बड़ा रोमांच बन जाता है।

2/6समीक्षा

Qarib Qarib Singlle Movie Review in Hindi

रोमांटिक फिल्‍मों को लेकर बॉलीवुड में एक तय फॉर्मूला है। लड़का-लड़की मिलते हैं। दोनों में प्‍यार होता है। फिर मुसीबतें आती हैं और दोनों हर कठ‍िनाई को पार करते हुए अंत में मिल जाते हैं। प्‍यार की हमेशा जीत होती है। ‘करीब करीब सिंगल’ भी बॉलीवुडिया रोमांटिक फिल्‍म है, लेकिन इसका रास्‍ता थोड़ा अलग है। डायरेक्‍टर तनुजा चंद्रा एक अलग हटके प्रेम कहानी दिखाने में बहुत हद तक सफल भी हुई हैं।

3/6पार्वती की पहली बॉलीवुड फिल्‍म

Qarib Qarib Singlle Movie Review in Hindi

इस फिल्‍म के जरिए पार्वती ने बॉलीवुड में अपना डेब्‍यू किया है। वह जया के किरदार में है। दक्ष‍िण भारत की यह मशहूर एक्‍ट्रेस बॉलीवुड में गर्ल नेक्‍स्‍ट डोर वाले रोल में है। जया के पास एक अच्‍छी नौकरी है। फिक्रमंद दोस्‍त हैं। उसकी जिंदगी सामान्‍य तौर पर सरलता और सादगी के साथ चल रही है। तनुजा फिल्‍म की सिर्फ डायरेक्‍टर नहीं है। वह सह-लेखक की भी भूमिका में है। उन्‍होंने जया को उस कैटेगरी से अलग रखा है, जो दिखाता है कि एक पुरुष के बिना स्‍त्री अधूरी है।

4/6बिंदास जया, मस्‍तमौला योगी

Qarib Qarib Singlle Movie Review in Hindi

जया लापरवाही से कपड़े पहनती है। चेहरे को मेकअप की परतों के नीचे छिपाती नहीं है। वह साथी चुनने के लिए ऑनलाइन डेटिंग साइट का सहारा लेती है। ऐसे में वह योगी (इरफान) से मिलती है। वह भी खुशहाल और लापरवाह टाइप की शख्‍स‍ियत है। हालांकि कहानी में जया के किरदार को लेकर जिस तरह आपको आगे-पीछे की पूरी जानकारी रहती है। योगी के कैरेक्‍टर के साथ ऐसा नहीं है। जैसे-जैसे फिल्‍म आगे बढ़ती है आप योगी के बारे में जानते और समझते हैं। इरफान और पार्वती दोनों ही बेहतरीन एक्‍टर्स हैं। लिहाजा आप दोनों ही किरदारों के साथ बहते हैं।

5/6इंटरवल के बाद हो जाती है स्‍लो

Qarib Qarib Singlle Movie Review in Hindi

फिल्‍म की कहानी धीरे-धीरे के योगी की पास्‍ट लाइफ और उसकी एक्‍स गर्लफ्रेंर्ड्स के बारे में जानती, बताती है। पहले हाफ में एक गति है। लेकिन इंटरवल के बाद फिल्‍म ठहरती जाती है। तमाम कोश‍िशों के बाजवूद अंत तक फिल्‍म पहली वाली गति और रोमांच नहीं हासिल कर पाती है। कई सीन ऐसे हैं, जिनकी जरूरत ही नहीं थी। कहानी आगे बढ़ती है तो कई किस्‍से जुड़ते हैं, लेकिन इससे पहले कि वो असर साबित करें खत्‍म हो जाते हैं।

6/6स्‍वीट और सिंपल है, धमाकेदार नहीं

Qarib Qarib Singlle Movie Review in Hindi

तनुजा ने इरफान और पार्वती को चुनकर सही निर्णय किया है, क्‍योंकि उन्‍हें भी पता है कि यह साधारण सी कहानी बेहतरीन एक्‍टर्स के बल पर ही असाधारण बन सकती है। दोनों एक्‍टर्स ने पुरजोर कोश‍िश भी की है। फिल्‍म में रोमांस और ड्रामा के हिसाब से हर एलिमेंट डाला गया है। स्‍वीट और सिंपल सी फिल्‍म है, जो चेहरे पर मुस्‍कान बिखेरेगी। कुछ धमाकेदार की अपेक्षा नहीं रखना बेहतर रहेगा।