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Satyameva Jayate Review: भरदम एक्‍शन, कमजोर कहानी

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सत्‍यमेव जयते र‍िव्‍यू

सत्‍यमेव जयते

रेटिंग:

2.5/5

कास्‍ट:

जॉन अब्राहम, मनोज बाजपेई, आइशा शर्मा

डायरेक्‍टर:

मिलाप मिलन जावेरी

समय:

2 घंटे 36 मिनट

जॉनर:

थ्र‍िलर

लैंग्‍वेज:

हिंदी

समीक्षक:

रचित गुप्‍ता

1/7कहानी

‘सत्‍यमेव जयते’ की कहानी वीर (जॉन अब्राहम) से शुरू होती है। वह एक मिशन पर है। वह भ्रष्‍टाचारी पुलिस अध‍िकारियों को न सिर्फ मौत के खाट उतारता है, बल्‍क‍ि उन्‍हें जलाकर खाक भी कर देता है। बाकी दुनिया के लिए वह पेशे से एक आर्टिस्‍ट भी है। वीर का एक पास्‍ट है, लेकिन उसकी खबर दर्शकों को बाद में मिलती है। खैर, लगातार हो रही पुलिसवालों की हत्‍या की गुत्‍थी सुलझाने का काम मिलता बेहद ईमानदार पुलिस अध‍िकारी श‍िवांश (मनोज बाजपेई) को। कहानी यहीं से आगे बढ़ती है।

2/7समीक्षा

Satyameva Jayate Movie Review in Hindi

मिलाप जावेरी की इस फिल्‍म को देखकर आपको 70 और 80 के दशक के हिंदी फिल्‍मों की याद आ सकती है। लेकिन हां, समय के साथ इसमें हाई ऑक्‍टेन एक्‍शन सीक्‍वेंस और बेहद बोल्‍ड बैकग्राउंड स्‍कोर हैं, जो फिल्‍म के थ्र‍िलर मोटो को ताकत देने का काम करते हैं। भ्रष्‍टाचार के ख‍िलाफ लड़ाई एक विषय ऐसा है, जो तब के भारत से लेकर अब के भारत तक फिट बैठता है। एक्‍शन पसंद और भ्रष्‍टाचार के कारण गुस्से से भरी जनता के लिए आजादी के 72वें जश्‍न के मौके पर फिल्‍म रिलीज की गई है।

3/7ड्रामा और एक्‍शन का ओवरडोज

Satyameva Jayate Movie Review in Hindi

फिल्म की कहानी ठीकठाक है, लेकिन यह जरूर है कि पर्दे पर जो कुछ दिखाया गया है वह सच से बेहद दूर है। फिल्‍म में डायरेक्‍टर साहब ने दर्शकों को जरूरत से ज्यादा ड्रामा और भरदम एक्शन का ओवरडोज परोसा है, जो कई मौकों पर थका देता है। फिल्म की शुरुआत बेहद दिलचस्‍प है। वीर एक पुलिस वाले को जिंदा जलाकर उसकी अस्‍थ‍ियां पुलिस स्‍टेशन के बाहर छोड़ आता है। यह दृश्‍य आपको बांधता है, लेकिन अगले ही पल फिल्‍म स्‍वच्‍छ भारत अभ‍ियान से लेकर जबरन घातक साबित करने पर तुले डायलॉग्‍स के सहारे 2 घंटे से ज्यादा समय तक चलती है।

4/7कहानी में ट्व‍िस्‍ट तो है, लेकिन…

Satyameva Jayate Movie Review in Hindi

फिल्‍म में वीर का कैरेक्‍टर हर उस जगह पहुंच जाता है, जहां कोई पुलिस वाला कोई भ्रष्‍टाचार कर रहा है। मनोज बाजपेई की एंट्री गति तो देती है, लेकिन वह भी ज्‍यादा देर रिझा नहीं पाती। हां, फिल्म के बीच में एक ट्विस्ट है। लेकिन इसके बाद भी फिल्म का फोकस भ्रष्ट पुलिसवालों को आग के हवाले कर देने पर ही रहता है। पूरी फिल्म अच्छाई और बुराई की लड़ाई, देशभक्ति, ईमानदारी का पाठ पढ़ाती है।

5/7कमजोर कहानी, सुस्‍त स्‍क्रीनप्‍ले

Satyameva Jayate Movie Review in Hindi

फिल्म के डायलॉग्‍स भारी-भरकम हैं। लेकिन कई मौकों पर वह कुछ ज्‍यादा ही भारी लगते हैं। मनोज बाजपेई और जॉन अब्राहम के किरदार की लड़ाई फिल्‍म की जान बन सकती थी, लेकिन स्‍क्रीनप्‍ले से लेकर एडिटिंग टेबल तक और अध‍िक मेहनत की जरूरत थी। हां, बैकग्राउंड स्‍कोर के स्‍तर पर खूब मेहनत की गई है। संस्‍कृत के श्‍लोक के साथ थ्र‍िल पैदा करने की अच्‍छी कोश‍िश की गई है।

6/7अच्‍छे लगे हैं मनोज और जॉन

Satyameva Jayate Movie Review in Hindi

जॉन अब्राहम फिल्‍म में ग्रे शेड के साथ लीड रोल में हैं। वह एंग्री यंग मैन और ताबड़तोड़ एक्‍शन में जम रहे हैं। मनोज बाजपेई बेहतरीन एक्‍टर हैं। उन्‍होंने एक दृढ़ और ईमानदार पुलिस वाले के किरदार को बखूबी निभाया है। न्यूकमर आयशा शर्मा कॉन्फिडेंट तो दिखती हैं, लेकिन डायलॉग डिलिवरी पर उन्‍हें अभी काम करने की जरूरत है।

7/7एक्‍शन पसंद है तो देख आइए

Satyameva Jayate Movie Review in Hindi

कुल मिलाकर ‘सत्यमेव जयते’ इंतकाम और बुराई पर अच्‍छाई की जीत वाला पुराना मसाला है। यदि आप एक्‍शन पसंद दर्शक हैं, तो जॉन अब्राहम आपको निराश नहीं करेंगे। फिल्‍म का टॉपिक भी कल, आज और कल के हिसाब से प्रासंगिक है। बाकी अतिरिक्‍त समय है तो फिल्‍म देखी जा सकती है।