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Secret Superstar Review: मां-बेटी, दर्द और सपनों की दास्‍तान

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सीक्रेट सुपरस्‍टार मूवी रिव्‍यू

सीक्रेट सुपरस्‍टार

रेटिंग:

4/5

कास्‍ट:

आमिर खान, जायरा वसीम, मेहर विज, राज अरुण, तीर्थ शर्मा

डायरेक्‍टर:

अद्वैत चंदन

समय:

2 घंटे 30 मिनट

जॉनर:

ड्रामा

लैंग्‍वेज:

हिंदी

समीक्षक:

मीणा अय्यर

1/7कहानी

‘सीक्रेट सुपरस्‍टार’ इंसिया मलिक (जायरा) की कहानी है। 15 साल की उम्र है। बड़ौदा की रहने वाली स्‍कूल गर्ल है। उसके अपने सपने हैं। ऊंचा उड़ने की चाहत है। लेकिन इंसिया की भावनाएं उसके मां-बाप के खराब रिश्तों की भेंट चढ़ जाते हैं। खुश‍ियां कुचली जाती हैं। पिता खूब गुस्‍सा करते हैं। मां-बाप में झगड़े होते हैं। इंसिया अपने गायक बनने के सपने को पूरा करने के लिए जी-जान से कोशिश करती है। वह अपनी मां को दकियानुसी और हिंसक पिता से दूर करने के प्रयास भी करती है।

2/7समीक्षा

Secret Superstar Movie Review in Hindi

बॉलीवुड में आमिर खान परफेक्‍शन के साथ-साथ क्‍वालिटी के भी पर्याय बन गए हैं। जाहिर तौर पर अगर वो किसी फिल्‍म को सपोर्ट करते हैं या उसमें छोटी सी भी भूमिका कर रहे हैं तो बतौर दर्शक आपकी उम्‍मीदें बढ़ जाती हैं। आमिर ने ‘सीक्रेट सुपरस्‍टार’ में एक अजीब से म्यूजिक डायरेक्टर शक्ति कुमार की भूमिका निभाई है। अद्वैत चंदन इस फिल्‍म से डायरेक्‍टर के तौर पर डेब्‍यू कर रहे हैं। वह ‘धोबी घाट’ के समय से आमिर के साथ जुड़े हुए हैं। काफी कुछ सीखा है। लिहाजा इस फिल्म में आपको भावनाएं, खुशी, आंसू, जोश और उत्सुकता सब देखने को मिलेगी।

3/7कहानी नई नहीं, लेकिन जबरदस्‍त है नैरेशन

‘सीक्रेट सुपरस्‍टार’ का ट्रेलर अपने आप में फिल्‍म की कहानी बयान कर देता है। लिहाजा सारा खेल पर्दे पर कहानी कहने की कला का है। फिल्म में कुछ भी नया नहीं है। यह एक लड़की की लड़ाई है या एक ऐसी महिला की कहानी है, जो अपनी हिंसक शादी से बाहर निकलना चाहती है। हम इस तरह की कहानियां पर्दे पर पहले भी देख चुके हैं। लेकिन इस फिल्म का नैरेशन इसे दूसरों से अलग करता है। फिल्‍म आपको बांधे रखती है। यही एक डायरेक्‍टर और कलाकारों की सबसे बड़ी उपलब्‍ध‍ि है।

4/7पर्दे से सीधे दिल में उतरती हैं भावनाएं

फिल्म को देखते हुए आप मां-बेटी की फ्रस्टेशन को महसूस करते हैं। वो एक ऐसे घर और माहौल में हैं, जहां भावनाओं को भी बंदी बना लिया गया है। इंसिया जब खुद को इन सबसे आजाद कर लेती है तो उसके साथ-साथ आप भी भावुक होते हैं। उसकी जीत पर आप भी ताली बजाते हैं।

5/7आमिर खान की जबरदस्‍त एक्‍ट‍िंग

फिल्‍म जायरा वसीम की है। लेकिन आमिर अपनी अदाकारी से छा जाते हैं। फिल्म में उनका कैरक्टर अमेरिकन आयडल के जज ब्रैश सिमोन कॉवेल और बॉलिवुड के 90 के दशक के म्यूजिक डायरक्टरों का मिलता-जुलता है। आमिर ने अपने किरदार की बारीकियों पर इतना काम किया है कि आप बस उन्‍हें देखते रह जाते हैं। यह देखना अच्छा लगता है कि फिल्म में खुद को लाइम लाइट में लाने के लिए आमिर ने छोटी सी जायरा के साथ कहीं भी अन्याय नहीं किया है।

6/7जायरा ने फिल्‍म में डाल दी है जान

‘दंगल’ के बाद जायरा को फिर से बड़े पर्दे पर देखना खुशी देता है। मां के रोल में नजमा (मेहर), चिंतन (तीर्थ शर्मा) और बाल कलाकार गुड्डू (कबीर) ने भी अपने किरदार बखूबी निभाए हैं। अमित त्रिवेदी का म्यूजिक आपको सुकून देता है। हालांकि, कहानी एक लड़की की है, जो सिंगर बनना चाहती है। ऐसे में संगीत और बेहतरीन हो सकता था। कौसर मुनीर के लिखे गीत भी ठीकठाक हैं।

7/7मां-बेटी के रिश्‍तों की बानगी

फिल्‍म की कहानी के मूल में मां-बेटी का रिश्‍ता है। तो अगर आपकी दुनिया भी मां के इर्द-गिर्द घूमती है तो आप इस फिल्म को जरूर देखें। लड़कियों के जीवन को यह फिल्‍म विशेष रूप से कई नए आयाम दे सकती है।