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Vodka Diaries Review: परफॉर्मेंस दमदार, ना थ्र‍िल, ना सस्‍पेंस

Updated: Jan 24, 2018 11:53 am
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वोडका डायरीज र‍िव्‍यु

वोदका डायरीज

रेटिंग:

2.5/5

कास्‍ट:

केके मेनन, मंदिरा बेदी, राइमा सेन

डायरेक्‍टर:

कुशल श्रीवास्‍तव

समय:

1 घंटा 58 मिनट

जॉनर:

थ्र‍िलर/ मिस्‍ट्री

लैंग्‍वेज:

हिंदी

समीक्षक:

लस्यप्रिया सुंदरम

1/6कहानी

असिस्‍टेंट कमिश्‍नर ऑफ पुलिस अश्‍व‍िनी दीक्ष‍ित अपने तेज दिमाग के लिए जाने जाते हैं। उनके एक के बाद एक लगातार हो रही हत्‍याओं की गुत्‍थी सुलझाने का जिम्‍मा सौंपा जाता है। अश्‍व‍िनी जांच में जुट जाते हैं। लेकिन मामला उलझता चला जाता है। इसी बीच उनकी बीवी भी गाय‍ब हो जाती है।

2/6समीक्षा

Vodka Diaries Movie Review in Hindi

कुशल श्रीवास्‍तव ‘वोदका डायरीज’ से बतौर डायरेक्‍टर डेब्‍यू कर रहे हैं। उनकी यह फिल्‍म किसी आम सस्‍पेंस थ्रि‍लर की तरह ही शुरू होती है। फिल्‍म की कहानी श‍िमला की जमा देने वाली ठंडी वादियों में शुरू होती है। वहां एक होटल है वोदका डायरीज, जहां लगातार शव मिलने का सिलसिला शुरू होता है। अश्‍व‍िनी (केके मेनन) अभी इन हत्‍याओं के सुराग के पीछे पड़े ही थे कि उनकी बीवी (मंदिरा बेदी) गायब हो जाती है। अश्‍विनी को एक अनजान महिला (राइमा सेन) का फोन कॉल आता है। वह अनजान महिला कहती है कि अश्‍व‍िनी हत्‍या के रहस्‍य को सुलझाएं, कातिल के छोड़े गए सुराग के पीछे बढ़ें, उनकी बीवी उन्‍हें मिल जाएगी।

3/6कमजोर कहानी और स्‍क्रीनप्‍ले

Vodka Diaries Movie Review in Hindi

सस्‍पेंस थ्र‍िलर की पहली मांग होती है कि कोई दर्शक उसके रहस्‍य को पहले नहीं जान पाए। यही नहीं, कहानी ऐसे गढ़ी होनी चाहिए कि दर्शक हर पल चौंकन्‍ना होकर फिल्‍म देखता रहे। साथ ही यह भी कि स्‍क्रीनप्‍ले ऐसी हो कि जांच की प्रक्रिया भी बोझिल हुए बिना चलती रहे। अफसोस कि ‘वोदका डायरीज’ इनमें से किसी भी मांग को पूरा नहीं कर पाती है।

4/6केके मेनन की जबरदस्‍त एक्‍ट‍िंग

Vodka Diaries Movie Review in Hindi

फिल्‍म का बैकग्राउंड स्‍कोर पुराने दौर की फिल्‍मों की याद दिलाता है। फिल्‍म मर्डर मिस्‍ट्री के तौर पर शुरू होती है। कहानी में जरूरी ट्विस्‍ट भी आते हैं, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता है कि अंत का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। फिल्‍म की सबसे मजबूत कड़ी है लीड एक्‍टर्स की जबरदस्‍त परफॉर्मेंस। हत्‍या के मामलों को सुलझाते हुए एक पुलिस अध‍िकारी और दिल से रोमांटिक शख्‍स‍ियत के किरदार में केके मेनन ने जबरदस्‍त काम किया है।

5/6उलझन और पेचीदगी की कमी

Vodka Diaries Movie Review in Hindi

हालांकि, केके मेनन की दमदार परफॉर्मेंस भी फिल्‍म को नहीं बचा पाती है। क्‍योंकि कहानी और स्‍क्रीनप्‍ले के स्‍तर पर यह दर्शकों को बांध नहीं पाती है। एक कवि के तौर पर मंदिरा बेदी में बढ़‍िया काम किया है, जबकि राइमा सेन को जितना मौका मिला उसमें उन्‍होंने अपना बेहतरीन दिया है। शरीब हाशमी के किरदार को फिल्‍म में पूरी तरह इस्‍तेमाल नहीं किया गया है। फिल्‍म के डायलॉग्‍स भी प्रभावी नहीं रहे हैं। एक सस्‍पेंस थ्र‍िलर के लिए जरूरी उलझन और पेचीदगी की कमी फिल्‍म में खलती है।

6/6यहां देख‍िए, ‘वोदका डायरीज’ का ट्रेलर