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Then And Now: कोमा में चली गई थी ‘आशिकी’ की एक्ट्रेस अनु

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1/8पहचान में नहीं आ रही हैं अनु

अनु अग्रवाल याद हैं ना? साल 1990 में आई फिल्म ‘आशिकी’ से वो रातों-रात स्टार बन गई थीं। हालांकि इस फिल्म के बाद भी उनका स्ट्रगल चलता रहा। 1999 में उनकी कार का एक्सिडेंट हुआ। वो पैरालाइज्‍ड हो गईं। याददाशत चली गई। लोग भी भूलने लगे उन्हें। बीते दिनों अनु अपनी बायोग्राफी को लेकर सुर्खियों में थीं, जिसका नाम है ‘अनयूजअल’। अब अपनी कुछ तस्वीरों के कारण चर्चा में हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरान हैं।

2/8ऐसे मिली थी पहली फिल्म ‘आशिकी’

11 जनवरी 1969 को दिल्ली में पैदा हुई अनु अग्रवाल उस समय दिल्ली यूनिवर्सिटी से समाजशास्‍त्र की पढ़ाई कर रही थीं, जब महेश भट्ट ने उन्हें अपनी म्यूजिकल फिल्म ‘आशिकी’ में पहला ब्रेक दिया। इस फिल्म में उनके अपोजिट राहुल रॉय थे।

3/821 साल की उम्र में बनाया सबको दीवाना

‘आशिकी’ से पहले अनु दूरदर्शन के एक टीवी सीरियल में नजर आ चुकी थीं। उनकी पहली फिल्म जबरदस्त हिट रही और महज 21 साल की उम्र में अनु ने लोगों को अपना मुरीद बना लिया। इसके बाद वो एक बड़ी स्टार बन गईं।

4/8फिर नहीं चली अनु की फिल्में

‘आशिकी’ तो सुपरहिट रही। लेकिन उनकी ‘गजब तमाशा’, ‘खलनायिका’, ‘किंग अंकल’, ‘कन्यादान’ और ‘रिटर्न टू ज्वेल थीफ’ जैसी फिल्में कब आईं और चली गईं, पता ही नहीं चला! इसके बाद वह निर्माताओं की नजर से भी दूर होने लगीं और उन्हें फिल्में मिलने में मुश्किल होने लगी।

5/8फिर किया तमिल फिल्म में काम

हिंदी फिल्मों के बीच अनु ने दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी हाथ आजमाय और तमिल फिल्म ‘थिरुदा-थिरुदा’ में काम किया। इतना ही नहीं, अनु ने शॉर्ट फिल्म ‘द क्लाऊड डोर’ भी की। लेकिन कुछ भी उन्हें फिर से पर्दे पर चमका ना सका।

6/8फिर अनु ने छोड़ दिया सिनेमा

फिल्में ना चलने की वजह से अनु को एहसास हो गया था कि वो एक्टिंग के लिए नहीं बनी हैं। शायद यही वजह रही कि 1996 आते-आते वो पूरी तरह से बड़े पर्दे से गायब हो गईं। फिल्मी दुनिया से दूर होकर अनु ने अपना रुख योग और अध्यात्म की तरफ कर लिया।

7/8सड़क हादसे में चली गई याददाश्त

साल 1999 में अनु भयंकर सड़क हादसा हुआ। इसने उनकी जिंदगी को एक अलग ही मोड़ दिया। इस हादसे ने उन्हें पैरालाइज्ड कर दिया था। इतना ही नहीं, 29 दिनों तक कोमा में रहने के बाद जब वो होश में आईं, तो अनु अपनी याददाश्त खो चुकी थीं।

8/8करीब 3 वर्षों तक चला ईलाज

अनु का ईलाज करीब 3 साल तक चला, जिसके बाद वो खुद को पहचानने लगीं। और जब वो ठीक हुईं तो उन्होंने अपनी सारी संपत्ति दान करके सन्यास की राह चुन ली। साल 2015 में उन्होंने अपनी बायोग्राफी ‘अनयूजजल: मेमोर ऑफ ए गर्ल हू कैम बैक फ्रॉम द डेड’ को लेकर चर्चा में रहीं।

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