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इन बातों से ही जीता है दिलजीत दोसांझ ने हम सबका दिल

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1/10सादगी है जिसका गहना

diljit

एक इंटरव्यू हुआ था। रणबीर कपूर, अमिताभ बच्चन, शाहिद कपूर, सुशांत सिंह राजपूत सब बैठे थे। राउंड टेबल टाइप इंटरव्यू। इंटरेस्टिंग बात है कि पंजाब दा पुत्तर दिलजीत दोसांझ भी शामिल था इसमें। दिलजीत से जब एक्टिंग मैथड के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘मेरे पास जो इमोशन हैं… मैं बस उतना ही प्ले करता हूं। एक्टर तो मैं हूं नहीं पाजी।’ इसी बात पर अमिताभ बच्चन कहते हैं, ‘आप जितना भी कर रहे हैं बहुत अच्छा कर रहे है।’ ये बात बताती है कि दिलजीत की सादगी ही उनका गहना है। आज बात करते हैं उनके इसी गहने की।

2/10मैडम तुसाद पहुंचे

पहले खुशखबरी ले लो यारो, दरअसल दिलजीत का मोम का पुतला दिल्ली के मैडम तुसाद म्यूजियम में लगाया जाने वाला है। फिल्म ‘सूरमा’ को लेकर रिस्पॉन्स भी अच्छा मिल रहा है। मतलब सब सेट है, फुल किरपा बाबे दी।

3/10दस्तार के बिना फिल्म नहीं

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बैक टू द प्वाइंट…दिलजीत ने बीते दिनों एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें बहुत अच्छी-अच्छी फिल्में ऑफर हुई थी। लेकिन उन्होंने सबको मना कर दिया। शर्त ये थी कि वो अपनी दस्तार को उतारे। पंजाबी पुत्तर ऐ ये नहीं कर सकता। दस्तार तो जान से भी प्यार है भाई को।

4/10फैंस को प्यार देता है बंदा

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दिलजीत अपने फैंस को उससे भी ज्यादा प्यार करते हैं जितना उनके फैंस उनको करते हैं। फैंस के विडियो अपने वॉल से वो शेयर करते रहते हैं। दिन बन जाता है फैंस का। ‘ओए देख दिलजीत पाजी ने मेरा पोस्ट कित्ता ऐ।’

5/10करते हैं सबका आदर

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दिलजीत अपने से बड़े कलाकारों का बड़ा आदर करते हैं। पंजाब में आदर सत्कार बच्चों को संस्कार में ही मिलता है। दिलजीत बड्डा बंदा बन गया पर मां-बाप की सीख आज भी साथ है।

6/10यार मेरी Zen बहुत याद आती है मुझे

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एक इंटरव्यू सुन रहा था। दिलजीत से जब पूछा गया कि आपकी पसंदीदा कार कौन सी है। तो दिलजीत ने बताया, ‘यार वो पहली कार जो मैंने अपने पैसों की खरीदी थी, Zen थी। मैं और मेरा भाई रात को उसमें ही एसी चलाके सो जाते थे।’ ये खासियत बहुत कम लोगों में होती है। जो अपने अतीत को साथ लेकर चलते हैं।

7/10गाता दिल से है लड़का

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दिलजीत की आवाज ही उसका सबकुछ है। माइक हाथ में आते ही इबादत होने लगती है। पहला सुर वाहेगुरु के नाम। ‘वाहेगुरु’ यानी अपने गुरु को याद करना। उसकी अहमियत को जिगर में उतारना। आवाज से ही दिलजीत ने ये मुकाम हासिल किया है।

8/10प्यारी-प्यारी हरकतों से हो जाता है प्यार

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क्यों सही कहा ना? पाजी जम जाओगे, बाहर निकल आओ।

9/10अपनी सभ्यता नहीं छोड़ी

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इत्ता बड़ा स्टार बन गया दिलजीत बाई अपणा। पर अपनी भाषा नहीं छोड़ी। सब कुछ पंजाबी है दिलजीत का तो। नाम के साथ दोसांझ अपने गांव का नाम लगा रखा है। गांव की मिट्टी जिंदा है। उस मिट्टी को सलाम।

10/10बाकी ये गाना दिलजीत का बेस्ट है

हालांकि ये गाना मान साहब यानी गुरदास मान के ही नाम से जाना जाएगा। लेकिन दिलजीत ने भी बम बुला दिए।