Home बॉलीवुड

आपको रूलाने का दम रखती हैं, बॉलीवुड की ये 10 फिल्में!

Updated: Jul 17, 2017 17:28 pm
SHARE

1/10बजरंगी भाईजान

सलमान खान इस फिल्म ने दर्शकों को काफी इमोशनल किया। फिल्म में क्यूट बच्ची थी, जो बोल नहीं सकती। उसकी मासूमियत, सलमान के चेहरे के भाव और फिल्म का संगीत आपको रूला देगा।

2/10तारे जमीन पर

महज 8 साल की उम्र में अपनी मां से दूर होने का दर्द आप समझ सकते हैं? अगर हां, तो कभी उस दर्द को महसूस करके देखिए, आंखें खुद-ब-खुद नम हो जाएंगी।

3/10बर्फी

barfi

प्यार होता है, कुछ कमजोरियां भी होती है। नायक की कमजोरियां प्यार पर भारी पड़ जाती हैं। दिल टूट जाता है, वो बोल नहीं सकता, लेकिन उसकी भावनाएं आप साफ-साफ देख सकते हैं। और हां, उन्हें देखकर आप भावुक भी हो सकते हैं। इस फिल्म का निर्देशन अनुराग बसु ने किया था।

4/10रंग दे बसंती

राकेश ओम प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म को कई अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। फिल्म के दो गाने आपको रूलाने का दम रखते हैं। पहला ‘खून चला’ और दूसरा ‘लुका छिपी’ इन दोनों ही गीतों को उन सटीक दृश्यों पर फिल्माया गया है, जिसे देखकर दर्शक इमोशनल हो जाते हैं।

5/10कल हो ना हो

शाहरुख खान, प्रीति जिंटी और सैफ अली खान की इस फिल्म में दर्शकों को भावुक करने वाले कई सीन्स हैं। शाहरुख बीमार होते हैं, उन्हें पता होता कि उनकी मौत कब होगी, लेकिन प्रीति उनसे प्यार करने लगती हैं। पर प्रीति से सैफ प्यार करते हैं। कहानी का त्रिकोण और इसके गाने पिक्चर के अंत तक आंखें नम कर ही देते हैं।

6/10थ्री इडियट्स

दोस्ती और पढ़ने के सही अंदाज को निर्देशक राजकुमार हिरानी ने बेहद खूबसूरती से  पर्दे पर पेश किया है। इस फिल्म में बाप-बेटे और दोस्तों के बीच ऐसे कई सीन हैं, जो आपको रूला सकते हैं।

7/10मासूम

नशरुद्दीन शाह और शबाना आजमी की इस फिल्म में बच्चा है, उसकी मां इस दुनिया में नहीं है। वह अपने पापा के पास जाता है। लेकिन उनकी एक फैमिली है। वो उसे उसमें नहीं रखना चाहते। बस बाप का बेटे के लिए प्यार और एक सौतली मां का बच्चे के साथ व्यवहार आपकी आंखें नम कर देगा। इस फिल्म को शेखर कपूर ने बनाया था।

8/10बागबान

कहानी इतनी रियलिस्टिक नहीं लगती। खैर, अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी ने जिन किरदारों को प्ले किया है। वह दर्शकों को इतना भावुक कर देते हैं कि वो रूआसे हो जाते हैं। अगर यह फिल्म आपने देखी है, तो इसके इमोशनल सीन्स आपको बखूबी होंगे।

9/10आनंद

राजेश खन्ना के अंदाज और डॉयलग ने लोगों को इमोशनल भी किया और उनमें जोश भी जगाया। हालांकि, कहानी में ऐसे कई पल आते हैं, जब दर्शकों की आंखें भी भर आती हैं। जब आनंद दुनिया को अलविदा कहता है और अमिताभ ‘मौत तू एक कविता है’ कविता सुन रहे होते हैं, तो दर्शक रूआसे हो जाते हैं। बाबू मोशाय, जिंदगी बड़ी होनी चाहिए… लंबी नहीं।

10/10सदमा

नायिका (श्रीदेवी) ट्रेन में बैठी हैं, तभी उसकी नजर भीड़ पर पड़ती है, जहां से चोटिल चेहरे वाला एक व्यक्ति (कमल हासन) उसे आवाज देता है। वो उसे इग्नोर करती है, ट्रेन चल पड़ती है, वो चेहरा ट्रेन के पीछे दौड़ता है। कुछ याद दिलाने की कोशिश करता है। वो उसे भिखारी समझ बैठती है। बारिश हो रही है। वो दौड़ रहा है, नायिका कुछ नहीं समझी। ट्रेन की रफ्तार बढ़ती है, नायक भी तेज दौड़ता है। अंत में वो फिसलकर गिर पड़ता है, ट्रेन चली जाती है। और एक गाना बजता है। ये सीन किसी को भी इमोशनल कर देगा।