Home बॉलीवुड

…इसलिए सफर में साथ चलती हैं इम्तियाज अली की फिल्में

Published:
SHARE

1/13‘जब हैरी मेट सेजल’ है ट्रेंडिंग मसला

shah rukh anushka

फिलहाल इम्तियाज अली की बात करने के पीछे वजह यह है कि उनकी अगली फिल्म आने वाली है। शाहरुख और अनुष्का के साथ इम्तियाज पहली बार काम कर रहे हैं। इस फिल्म का नाम ‘जब हैरी मेट सेजल’ है। कहानी फिर से सफर की है। शाहरुख खान इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे हैं। इसके दो मिनी ट्रेलर आ चुके हैं।

2/13ये है फर्स्ट मिनी ट्रेलर-

3/13और ये है दूसरे वाला-

4/13अब क्या नया करेंगे इम्तियाज?

imtiaz ali

इम्तियाज अली अपनी फिल्मों के बारे में कहते हैं कि वो रोमांस को ज्यादा अहमियत देते हैं। एक अलग किस्म का रोमांस। जिसमें बहुत सारी परतें हैं। ‘जब हैरी मेट सेजल’ से दर्शक कुछ नई सी उम्मीद लगाकर बैठे हैं, क्योंकि इसमें शाहरुख सरीखे का कलाकार काम कर रहा है। लिहाजा, उम्‍मीद है कि फिल्म में कुछ अलग तो देखने को मिलने वाला है। बाकी 4 अगस्त के दिन फिल्म रिलीज होगी। आगे देखते हैं कि इम्तियाज क्या नया करते हैं।

5/13पहले टीवी शो डायरेक्ट करते थे इम्तियाज

imitaz ali serials

फिल्मों का निर्देशन करने से पहले इम्तियाज ने टीवी शोज डायरेक्ट किए हैं। उन्होंने ‘नैना’, ‘कुरुक्षेत्र’ और ‘इम्तिहान’ जैसे टीवी सीरियल्स डायरेक्ट किए। इसके बाद हर डायरेक्टर की तरह वो फिल्म बनाना चाहते थे। और फिर…

6/132005 में किया डेब्यू

socha na tha

फिल्म का नाम था ‘सोचा ना था’। इस फिल्म ने बॉलीवुड को दो स्टार दिए। आयशा टाकिया और अभय देओल की यह पहली फिल्म थी। इम्तियाज का भी यह डेब्यू था। फिल्म पर पैसा धर्मेंद्र का लगा था। कहानी इम्तियाज अली ने ही लिखी थी। स्टोरी में काफी दम था। उस दौर में भारतीय दर्शक ऐसी मानसिकता के साथ नहीं बैठे थे। फिल्म फ्लॉप हुई। आज लोग याद करते हैं इस फिल्म को। उसी साल इम्तियाज अली ने ‘आहिस्ता-अहिस्ता’ लिखी। सोहा अली खान और अभय देओल ने इसमें काम किया था।

7/13‘जब वी मेट’ ने बदली किस्मत

jab we met

गालियां निकालती एक पंजाबन लड़की गीत। जो एक अनजान सफर पर निकल गई। जी हां, ‘जब वी मेट’ की बात कर रहे हैं। शाहिद और करीना उन दिनों रिलेशन में थे। जोड़ी भी मस्त थी दोनों की। फिल्म के डायलॉग एक अलग लेवल के थे। अब जनता कुछ नया देखना चाहती थी। प्यार का एक नया लेवल इम्तियाज ही लेकर आए थे।

8/13आज का लव है ‘लव आज कल’

love aaj kal

‘जब वी मेट’ के दो साल बाद यानी 2009 में इम्तियाज आज के लव को अलग तरीके से बयां करने के लिए तैयार थे। इस फिल्म का नाम था ‘लव आज कल’। इसने बता दिया कि प्यार की बारिश हर मौसम में भीगो देती है। बचने की जरूरत नहीं है इससे। आज की पीढ़ी स्वीकारती नहीं चीजों को। प्यार को बोझ समझते हैं हम। फिल्म ने एक्सेप्ट करना सीखाया। ऋषि कपूर, सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण थे इसमें।

9/13बेधड़क बोलने वाली फिल्म है ‘रॉकस्टार’

rockstar

साल 2011 में ‘रॉकस्टार’ आई। कहा गया कि ये इम्तियाज की सच्ची कहानी है। जबकि ऐसा कुछ नहीं था। लिखने वाला हर कहानी को अपने जेहन से लिखता है। वो झूठा नहीं होता। जीता है और लिखता है। ‘रॉकस्टार’ ने लोगों को दीवाना बना दिया। अब दर्द था। एक ऐसा दर्द जिसमें संगीत निकल रहा था। एआर रहमान ने इसका म्यूजिक दिया था। फिल्म हिट थी। रणबीर कपूर और नरगिस फखरी ने इसमें अभिनय किया था। इसके बाद अगले साल इम्तियाज ने ‘कॉकटेल’ फिल्म लिखी।

10/13दिलों पर जब दौड़ने लगी ‘हाईवे’

highway film scenes

साल 2014 में इम्तियाज डायरेक्टर और राइटर के साथ-साथ प्रोड्यूसर भी बन गए। साजिद नाडियाडवाला को-प्रोड्यूसर थे। ‘हाईवे’ बहुत उम्दा फिल्म थी। बॉलीवुड में एक नया प्रयोग, स्टोरी बिलकुल नई, मानों जमीन से खोदकर निकाली हो। गाने बड़े अच्छे थे। दुनिया ने जुगनी का टैटू बना लिया था। सफर रुकता नहीं। मुसाफिरों की कभी मंजिलें नहीं होती। फिल्म में प्यार भी था। रणदीप हुड्डा और आलिया ने काम किया था। अली की गली से निकलकर जुगनी ऑडियंस के दिलों में दौड़ने लगी।

11/13‘तमाशा’ का क्या करें?

tamasha film imtiaz ali

हॉलीवुड के एक डायरेक्टर हैं रिचर्ड लिंकलेटर। ये फिल्म उनकी फिल्मों से प्रभावित लगती है। दोनों एक-दूसरे को जानते नहीं। फिर भी प्यार है। रणबीर अपने आप को भी नहीं जानता। वो खोया हुआ है। उसे किस्सों से प्यार है। कहानियों में खोया रहता है वो। पर कंप्यूटर और नौकरी में वो फंसा हुआ है। रोबोट टाइप बनता जा रहा है वो हर दिन। दीपिका उस गुमशुदा रणबीर को खोजती है। कहानी चलती है। फिल्म के गाने इरशाद कामिल ने लिखे थे। गाने भी स्टोरी ही हैं अपने आप में। अक्‍सर उनकी फिल्मों के गाने इरशाद ने ही लिखे हैं।

12/13एक शॉर्ट फिल्म

‘इंडिया टूमोरो’ के नाम से इम्तियाज अली ने एक शॉर्ट फिल्म भी बनाई है। काफी असाधारण फिल्म है ये। महिलाओं के प्रति भारतीय पुरुषों की सोच को दरकिनार किया गया है।

13/13सफर भी एक कैरेक्टर है

imitaz ali

इम्तियाज की हर फिल्म में ट्रेवल एक कैरेक्टर की तरह रोल प्ले करता है। घुमक्कड़ किस्म के लोगों को उनकी फिल्में पसंद आती हैं। ऐसे में फिल्में आम दर्शक से दूर हो जाती हैं। इम्तियाज कॉमनमैन की स्टोरी बड़े एलिट ढंग से कहते हैं। इंसान को सपनों में रहना पसंद है। इम्तियाज की फिल्म हकीकत से कुछ पल दूर सपनों में ले जाती हैं। फिल्म खत्म होने के बाद हैंगओवर रहता है। सपने कितने अच्छे होते हैं ना? और हैंगऑवर कितना पेनफुल।