Home बॉलीवुड

इन 10 फिल्मों को अपने रिस्क पर ही देखना बॉस!

Published:
SHARE

1/11भइया… दिमाग संभालकर!

फ्राइडे फिल्म रिलीज होने के साथ ही सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ पहुंच जाती है। इन दर्शकों में कुछ दिमागदार होते हैं, तो कुछ दर्शक अपना दिमाग घर छोड़कर ही आते हैं। मतलब, वह जानते हैं कि किस डायरेक्टर और एक्टर की फिल्म को दिमाग के साथ देखाना है और किनकी फिल्मों को सिर्फ देखना है। खैर, अगर आप इस बात को समझने में असमर्थ हैं। तो हम बताते हैं आपको उन फिल्मों के बारे में जिन्हें देखने से पहले दिमाग को साइड में रखना ही बेहतर रहेगा।

2/11देशद्रोही

इसका नाम अपने आप में फिल्म देखने की ललक पैदा कर सकता है। लेकिन हीरो का नाम जानने के बाद आप घर पर रहना ज्याद पसंद करेंगे। 2008 में आई इस फिल्म में मशहूर बंडलबाज और इंटरनेट पर दबाकर रायता फैलाने वाले शख्स मिस्टर केआरके बोले तो कमाल रशिद खान थे। इसकी कहानी भी उन्होंने लिखी थी।

3/11एमएसजी

अगर आप बाबा के भक्‍त हैं तो अच्‍छी बात है। लेकिन अगर आप मनोरंजन के नाम पर ये फिल्‍म देखने जा रहे हैं तो थोड़ा ठहर जाएं। नाम शॉर्ट है पर फिल्म बहुत बड़ी है। देखते-देखते आप सोचने लगेंगे भैया आखिर ये खत्म कब होगी। फिल्म में एक ही चेहरा बार-बार सामने आएगा। गन, कॉस्ट्यूम और बाकी चीजे इतनी तड़कती-भड़कती हैं कि आंखें यही कहती हैं इस पिक्चर को बंद करो! साल 2015 में आई इस फिल्म को बनाने वाले गुरमीत राम रहीम सिंह हैं।

4/11जोकर

इस फिल्म को देखकर दिल गवाही दे देता है कि आखिर देखी तो क्यों देखी। फिल्म में अक्षय कुमार हैं, श्रेयस तलपड़े, संजय मिश्रा और भी कई एक्टर हैं। फिल्म में चाहे जितने बेहतरीन एक्टर हों, जबतक कहानी और डायलॉग अच्छे नहीं होंगे। तब तक कुछ नहीं हो सकता।

5/11दीया और तूफान

यह फिल्म 1995 में आई थी। इसमें मिथुन चक्रवर्ती, कादर खान आदि एक्टर थे। फिल्म की कहानी बेहद अटपटी सी थी। इसमें वो सब हो रहा था, जिसकी कल्पना करना थोड़ा मुश्किल था। दरअसल, डायरेक्टर साहब हीरो के दिमाग को किसी दूसरे व्यक्ति के साथ बदल देते हैं। इसके बाद जो होता है, उसकी कल्पना आप भी नहीं कर सकते। अगर इंटरेस्ट जाग रहा है, तो तुरंत यूट्यूब पर फिल्म का नाम टाइप करो और देख डालो।

6/11हिम्मतवाला

साल 2013 में आई फिल्म ‘हिम्मतवाला’ को देखने के लिए सही में हिम्मत चाहिए। इस फिल्म को साजिद खान ने बनाया था। अजय देवगन लीड रोल में थे। बाकी फिल्म ने ऑरिजनल फिल्म की इज्जत भी ना रखी।

7/11कर्ज

पॉपुलर सिंगर हिमेश रेशमिया एक्टर बनकर पर्दे पर आए। लोगों ने उन्हें तीन घंटे एक्टिंग करते हुए बस देख लिया। वैसे उन्हें गाना गाते हुए सब सुन लेते, लेकिन एक्टिंग… हाय.. हाय… वाली बात है। यह फिल्म 2008 में आई थी। ये बॉक्स ऑफिस चली नहीं टली थी।

8/11राम गोपाल वर्मा की आग

‘रंगीला’ जैसी शानदार फिल्म बनाने वाले राम गोपाल वर्मा उर्फ रामू ने इस फिल्म के जरिए लोगों के जिगर में आग लगाने का काम किया। भाई फिल्म में इतनी आग थी कि इसे तीन घंटे तक देखना अंसभव था। बस कुछ लोग ठंडी हवा के चक्कर में हॉल में समय काट लिया होगा।

9/11तीस मार खान

‘शीला की जवानी’ गाना अगर फिल्म में ना होता, तो भैया इसका जिक्र यहां भी ना आना था। वो तो कटरीना कैफ के इसी गाने ने दर्शकों को सिनेमा हॉल में अटकाए रखा। नहीं तो पिक्चर देखने कौन जाता। ये फिल्म 2010 में आई थी।

10/11लव स्टोरी 2050

हरमन बवेजा और प्रियंका चोपड़ा की जोड़ी ने दर्शकों का खूब एंटरटेनमेंट किया। दरअसल, फिल्म खत्म हो गई पर लोग सोचते रह गए भाई आखिर इसकी कहानी क्या थी। एक अलग लेवल की फिल्म थी। मतलब 2050 की कहानी, 2008 में कैसे समझ आ सकती थी।

11/11हमशक्ल

इस फिल्म के बिना यह लिस्ट अधूरी है। फिल्म बनाने वाले साजिद खान है। उन्होंने सभी हदें पार करते हुए एक ऐसी फिल्म बनाई जिसने हिंदी सिनेमा के काले अध्याय में अपना नाम दर्ज कर लिया है। 2014 में आई यह फिल्म एक उदाहरण है इस बात का कि बॉलीवुड हद बेकार फिल्में भी बना सकता है।