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समलैंगिक होना क्‍या है? 5 भारतीय फिल्‍में जो LGBTQ पर आंखें ही नहीं खोलतीं, छोटी सोच का पर्दाफाश भी करती हैं

Curated by स्‍वपनल सोनल | Hindi Filmipop | Updated: 21 Jan 2023, 6:52 pm

समलैंगिक होना और समलैंगिकता को स्‍वीकार करना ये दो ऐसी चीजे हैं, जिनसे हमारा समाज आज भी विचारों की लड़ाई लड़ रहा है। समलैंगिता के मुद्दे पर बीते कुछ साल में बात तो बहुत हुई है, कानून भी बने हैं। लेकिन अभी भी एक रूढ़‍िवादी लड़ाई रोज लड़ी जा रही हैंं। हम यहां 5 ऐसी इंडियन फिल्‍मों की बात कर रहे हैं जो LGBTQ के मुद्दे पर हर किसी को देखनी चाहिए।

 
समलैंगिक होना क्‍या है? 5 भारतीय फिल्‍में जो LGBTQ पर आंखें ही नहीं खोलतीं, छोटी सोच का पर्दाफाश भी करती हैं
समलैंगिक होना क्‍या है? 5 भारतीय फिल्‍में जो LGBTQ पर आंखें ही नहीं खोलतीं, छोटी सोच का पर्दाफाश भी करती हैं
समलैंगिकता एक ऐसा विषय है, जिस पर बीते कुछ समय में बातें तो खूब हुई हैं, कानून भी बने हैं, लेकिन सच्‍चाई यही है कि अभी भी हम में से कई इसे समझने में भूल कर देते है। भारतीय सिनेमा में समलैंगिकता के मुद्दे पर कई फिल्‍में बनी हैं। इनमें शबाना आजमी और नंदिता दास की 'फायर' से लेकर मनोज बाजपेयी की 'अलीगढ़' तक की चर्चा भी खूब रही है। लेकिन इनके अलावा कम से कम 5 ऐसी फिल्‍में और हैं, जिन्‍हें हर इंसान को एक बार जरूर देखनी चाहिए। ये फिल्‍में LGBTQ समुदाय के बारे में न सिर्फ हमें जानकारी देती हैं, बल्‍क‍ि हमारा मनोरंजन भी करती हैं। ये फिल्‍में रूढ़िवादी तरीकों और दकयानूसी सोच पर तगड़ा चोट करती हैं।

सिसक (Sisak)

समलैंगिक होना क्‍या है? 5 भारतीय फिल्‍में जो LGBTQ पर आंखें ही नहीं खोलतीं, छोटी सोच का पर्दाफाश भी करती हैं

स‍िसक मूवी


'सिसक' एक साइलेंट शॉर्ट फिल्‍म है, जो LGBTQ पर बात करती है। यह इस मुद्दे पर देश की पहली साइलेंट फिल्‍म है। इस फिल्‍म में मुंबई लोकल ट्रेन में यात्रा करते हुए दो यात्री हैं। कई रातों की यात्रा के बीच दोनों एक-दूसरे से मिलते हैं। 'सिसक' इन दो मर्दों की ऐसी प्रेम कहानी है, जो आपका दिल दहला देगी। वजह यह कि हमारा समाज होमोफोबिक है। जहां एक ही लिंग के दो लोगों का प्यार में पड़ना आसपास के लोगों के लिए अपराध है।

ओन्यो ओपाला (Onyo Opalaa)

समलैंगिक होना क्‍या है? 5 भारतीय फिल्‍में जो LGBTQ पर आंखें ही नहीं खोलतीं, छोटी सोच का पर्दाफाश भी करती हैं

Onyo Opalaa


यह एक बंगाली फिल्‍म है, जिसकी कहानी में एक अधेड़ उम्र की विधवा ओपाला है। ओपला की शादी बहुत ही कम उम्र में एक कुलीन परिवार में कर दी गई। ओपाला बहुत सुंदर है। फिर भी उसका पति श्याम सुंदर उसे शादी की रात ही अस्वीकार कर देता है। ओपाला अपने प्यार को जीतने के लिए कई कोशिशें करती है, लेकिन कभी सफल नहीं हो पाती।

मेमरीज इन मार्च (Memories in March)

समलैंगिक होना क्‍या है? 5 भारतीय फिल्‍में जो LGBTQ पर आंखें ही नहीं खोलतीं, छोटी सोच का पर्दाफाश भी करती हैं

memories in march


फिल्‍म की कहानी में मां है और उसका बेटा है। बेटे की मौत हो जाती है। मां को यह जानकर हैरानी होती है कि उसके बेटे की एक सीक्रेट लाइफ भी थी। इसके बाद कहानी में कई नए खुलासे होते हैं।

माय सन इज गे (My son is gay)

समलैंगिक होना क्‍या है? 5 भारतीय फिल्‍में जो LGBTQ पर आंखें ही नहीं खोलतीं, छोटी सोच का पर्दाफाश भी करती हैं

my son is gay

यह फिल्‍म भी एक मां-बेटे की कहानी है। लक्ष्मी एक मां है। उसकी जिंदगी उस वक्‍त पूरी तरह बदल जाती है, जब उसे पता चलता है कि उसका बेटा वरुण समलैंगिक है। यह एक ऐसा सच है, जिसे वह कभी स्वीकार नहीं कर सकती। यह फिल्‍म हमारे समाज की सोच की वास्‍तविकता और उसकी गंभीरता को दिखाती है।

दायरा (Daayra)

समलैंगिक होना क्‍या है? 5 भारतीय फिल्‍में जो LGBTQ पर आंखें ही नहीं खोलतीं, छोटी सोच का पर्दाफाश भी करती हैं

Daayra


एक लड़की है, जिसे कुछ मर्द किडनैप करते हैं और उसका यौन शोषण करते हैं। लड़की उनसे दूर भागती है और एक किन्‍नर उसे शरण देता है। इसके बाद की कहानी ऐसी है, जो हर किसी को जरूर देखनी चाहिए।