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नींद का दुश्मन बन सकता है आपका पुराना तकिया, जानिए कब बदल लेना चाहिए इसे

Authored by Puneet Saini | Hindi Filmipop | Updated: 24 Nov 2022, 4:46 pm

नींद की गुणवत्ता बढ़ाने, दर्द और एलर्जी से बचने के लिए कुछ समय बाद तकिया बदलना बहुत जरूरी है। बता दें कि खराब तकिया आपकी कमर और गर्दन को सहारा नहीं दे पाता, जिससे अक्‍सर आप सुबह कमर या पीठ दर्द के साथ उठते हैं।

 
नींद का दुश्मन बन सकता है आपका पुराना तकिया, जानिए कब बदल लेना चाहिए इसे
नींद का दुश्मन बन सकता है आपका पुराना तकिया, जानिए कब बदल लेना चाहिए इसे
रात की नींद सभी को प्‍यारी होती है। रात में अगर गहरी नींद आ जाए, तो अगला दिन बहुत अच्‍छा गुजरता है। लेकिन अगर नींद डिस्‍टर्ब हो जाए, तो शरीर आलसी और सुस्‍त हो जाता है। अगर आपकी नींद भी पूरी नहीं हो पाती, तो जरा अपने pillow पर ध्‍यान दें। वैसे तो नींद में सुधार के लिए लोग अक्‍सर गदद़ों पर ही ध्‍यान देते हैं, लेकिन कहीं ऐसा न हो कि जिस तकिए पर आप सालों से सो रहे हैं, वही आपकी नींद का दुश्‍मन बन जाए और सुबह आपको कभी गर्दन , तो कभी कमर और सिर दर्द के साथ जागना पड़े।
कहने का मतलब है कि नींद की गुणवत्‍ता बढ़ाने, दर्द और एलर्जी से बचने के लिए कुछ समय बाद pillow बदलना बहुत जरूरी है। दरअसल, तकिए भी समय के साथ घिस जाते हैं। द नेशनल स्‍लीप फाउंडेशन के अनुसार, आपको अपने pillow को हर दो साल में बदल लेना चाहिए। गद्दों की तरह तकिए भी हमेशा अच्‍छे नहीं रहते।
गर्दन और सिर को ठीक से सहारा देने के लिए इन्‍हे समय-समय पर बदलने की जरूरत होती है। चूंकि pillow आपको रिलेक्‍स फील कराने, ठभ्‍क से सांस लेने और आपकी कमर और गर्दन को सपोर्ट देता है। लेकिन अगर आप पैसे बचाने के चक्‍कर में पुराने तकिए ही यूज कर रहे हैं, तो यह आपको कई तरह की बीमारियां दे सकता है। हालांकि, बहुत से लोग इस बात से आज तक अंजान है कि उन्‍हें नया तकिया कब खरीदना चाहिए। आपकी मदद के लिए यहां कुछ ऐसे संकेत दिए गए हैं, जो बताएंगे कि आपका pillow पुराना हो गया है और अब आपको इसे बदलने की जरूरत है।


जागने पर गर्दन में दर्द हो-

जैसे-जैसे आपके pillow की उम्र बढ़ती है ,यह खराब होने लगता है। खासतौर से आपकी कमर और गर्दन को यह सहारा देने लायक नहीं रहता। अगर सुबह उठने के बाद आपकी गर्दन में दर्द होने लगे, पीठ या सिर दर्द हो, तो यह pillow को बदलने का समय है। तकिया अगर ठीक है, तो आपको अपने तकिए से सही सपोर्ट मिलेगा और उठने के बाद कहीं भी दर्द महसूस नहीं होगा।

तकिए में ढेले बन गए हैं-

कई घरों में pillow के नाम पर ढेले वाले तकिए होते हैं। सोने के लिए अगर किसी को ऐसे तकिए दे दिए जाएं, तो अगले दिन व्‍यक्ति दर्द के साथ ही उठेगा। तकिए में ढेले बनना इस बात का संकेत है कि तकिए में भरी सामग्री अब पुरानी होकर घिसने लगी है। एक ढेलेदार तकिया न केवल असुविधाजनक होता है, बल्कि आपको इससे सपोर्ट भी नहीं मिलता।

फोल्‍ड टेस्‍ट करें-

pillow बदलने लायक है या नहीं, यह देखने के लिए फोल्‍ड टेस्‍ट करके देख लेना चाहिए। यह आपके किसी भी संदेह को दूर कर सकता है। अपने तकिए को आधा मोड़ें और 30 सेकंड के लिए इसी पोजीशन में रखें। अब देखें कि जब आप pillow छोड़ रहे हैं, तो वह पहले जैसा आकार ले ले। अगर तकिया मुड़ा ही रहता है, तो समझ लीजिए कि pillow खराब हो चुका है और आपको इसे बदल लेना चाहिए।

चपटा होने लगे-

अगर आपका फूला हुआ pillow सोने के बाद चपटा होने लगा , तो यह आपकी गर्दन में दर्द का कारण बन सकता है। pillow का यह आकार इस बात की पहचान है, कि खराब हो गया है। बेहतर है कि आप बाजार से नया तकिया खरीद लाएं।


तकिए की उम्र जाने-

सोचकर हैरत होगी, लेकिन किसी भी चीज की तरह तकिए की भी उम्र होती है। समय के साथ-साथ pillow में धूल के कण, डेड स्किन सेल्‍स ओर फफूंदी भर जाती है। ऐसे में अपने तकिए की लाइफ को बढ़ाने के लिए पिलो प्रोटेक्‍टर का इस्तेमाल करना अच्‍छा है। वैसे तो तकिए 1-12 साल तक चलते हैं, लेकिन कमरे को स्‍व्‍च्‍छ और कीटाणु रहित रखने के लिए हर 18 महीने में pillow को बदल लेना चाहिए।