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Haraamkhor Review: दमदार विषय, बेअसर फिल्‍म

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Haraamkhor Movie Review in Hindi

कास्ट: नवाजुद्दीन सिद्दीकी, श्‍वेता त्रिपाठी, त्रिमाला अधिकारी, मो. समद, इरफान खान
डायरेक्शन: श्‍लोक शर्मा
समय: 1 घंटे 33 मिनट
समीक्षक: रेणुका व्‍यवहारे (टीओआई)
स्‍टार: 3.0

कहानी:

श्‍लोक शर्मा की ये फिल्‍म गांव में बसती है। गांव की कहानी है। लव ट्राएंगल है। एक स्‍कूल टीचर है श्‍याम (नवाजुद्दीन सिद्दीकी), उसे 14 साल की अपनी स्‍टूडेंट संध्‍या (श्‍वेता त्रिपाठी) से प्‍यार हो जाता है। इस प्रेम कहानी का तीसरा एंगल है कमल (इरफान खान), जो संध्‍या के साथ ही ट्यूशन पढ़ता है। और हां, टीचर श्‍याम शादीशुदा है। फिल्‍म उस रिश्‍तों के सिलवटों को खोलती है, जिस पर हम या हमारा समाज बात करने से कतराता है।

रिव्‍यू:

Haraamkhor Movie Review in Hindi

फिल्‍म की कहानी दो बालकों के साथ बढ़ती है। वही इसे गति देते हैं और हमें दिखाते हैं। कमल जो संध्‍या से प्‍यार करता है और उसका एक शैतान-चंचल दोस्‍त मिंटू। दोनों जिगरी दोस्‍त हैं। मिंटू कमल को संध्‍या को रिझाने के लिए अजीब-अजीब तरीके बताता रहता है। इसी क्रम में दोनों बालकों को अंदेशा होता है कि श्‍याम और संध्‍या के बीच कोई खि‍चड़ी पक रही है।

मौकापरस्‍त है ये टीचर

kaisi hai haramkhor film

दिलचस्‍प यह है कि संध्‍या को बालकों के विचार और हरकतों के बारे में जानकारी नहीं होती है। संध्‍या को उसकी मां घर से निकाल देती है और रुखे व्‍यवहार वाले पिता से ऐसे ही कोई साथ नहीं मिलता। अब टीचर श्‍याम संध्‍या को शरण देता है। संध्‍या श्‍याम के साथ सेक्‍सुअल रिलेशन में आती है। उसके गुस्‍से को भुगतती और समझने की कोशि‍श करती है। निर्णयों को बदलती है। जबकि श्‍याम मौकापरस्‍त है।

…लेकिन श्‍याम को गलत कहना भी ठीक नहीं

Haraamkhor Movie Review in Hindi

श्‍याम अपनी इच्‍छा और फायदे के लिए संध्‍या और यहां तक कि अपनी पत्‍नी को भी बहलाता है। फुसलाता है। हालांकि, कहानी ने श्‍याम को पूरी तरह गलत कहना भी सही नहीं है, क्‍योंकि लड़की खुद भी श्‍याम के साथ रिश्‍ता कायम करना चाहती है।

कई बातें अनकही रह जाती हैं

‘हरामखोर’ समाज के एक बड़े मुद्दे को ध्‍यान खींचती है, जो सराहनीय है। लेकिन अफसोस की बात है कि इस ओर सामाजिक जागरुकता या अस्वीकार्यता के बीच विवादित सीन डार्क ह्यूमर या दुस्‍साहस का अवतार नहीं धर पाते। फिल्‍म में कई बातें अनकही रह जाती हैं, जिनका जवाब नहीं मिलता। हालांकि यह अच्‍छा माना जाता है कि एक डायरेक्‍टर दर्शकों के लिए कुछ सवाल छोड़ जाए, लेकिन श्‍लोक शर्मा अपने दर्शकों से कुछ ज्‍यादा ही अपेक्षा कर बैठे हैं।

31 साल की श्‍वेता बनी है 14 साल की संध्‍या

shweta tripathi in haramkhor movie review

जिन लोगों ने ‘हरामखोर’ फिल्‍म फेस्‍टिवल्‍स में देखी है, वह बताते हैं कि कई सीन काटे गए हैं। लेकिन जो भी कारण रहा हो, स्‍क्रीनप्‍ले में बहुत कुछ छूटा सा जान पड़ता है। बहरहाल, इस बोल्‍ड लेकिन अनसुलझी सी फिल्‍म में जो बात सबसे अधिक अपील करती है वो है कास्‍टिंग। मुकेश छाबरा ने कास्‍टिंग के स्‍तर पर जबरदस्‍त काम किया है। खासकर श्‍वेता त्रिपाठी के मामले में जो 31 साल की होकर 14 साल की लड़की का रोल प्‍ले कर रही हैं।

नवाज का शानदार, जानदार और जबरदस्‍त काम

नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक बार फिर साबित किया है कि वो बेहतरीन एक्‍टर हैं। आज के दौर के सबसे जबरदस्‍त एक्‍टर्स की फेहरिस्‍त में वो टॉप ऑर्डर में हैं। गुस्‍सा, भावुकता, हंसी जैसे सारे भावों को एक साथ हर बदलते फ्रेम में कैसे सजाया जा सकता है, यह नवाज को बखूबी आता है।

कुल मिलकार ‘हरामखोर’ अच्‍छे विषय पर बनी एक ऐसी फिल्‍म है, जो असर छोड़ने में नाकाम रहती है।

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