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Tumhari Sulu Review: सुलु की आवाज में दम भी है, मिठास भी

Updated: Nov 17, 2017 09:40 am
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तुम्‍हारी सुलु

रेटिंग:

3.5/5

कास्‍ट:

विद्या बालन, नेहा धूपिया, मानव कौल

डायरेक्‍टर:

सुरेश त्रिवेणी

समय:

2 घंटे 3 मिनट

जॉनर:

कॉमेडी

लैंग्‍वेज:

हिंदी

समीक्षक:

नील सोआंस

1/8कहानी

मुंबई के उपनगरीय इलाके में सुलोचना अपने पति अशोक और बेटे के साथ रहती है। खुशहाल परिवार है। उनके अपने छोटे-छोटे सपने हैं और छोटी-छोटी खुश‍ियां हैं। सुलोचना को लोग प्‍यार से सुलु बुलाते हैं। उसे एक रेडियो चैनल में आरजे बनने का मौका मिलता है। वह रात को प्रसारित होने वाले कार्यक्रम में आरजे के तौर पर उभरती है। परिवार की जिम्‍मेदारियां भी हैं। यहां से उसकी जिंदगी में ढेर सारे बदलाव आते हैं।

2/8समीक्षा

Tumhari Sulu Movie Review in Hindi

बॉलीवुड फिल्‍मों में हमेशा से मिडिल क्‍लास फैमिली पर ध्‍यान दिया गया है। देश में सबसे ज्‍यादा आबादी इसी तबके की है, लिहाजा कहानियां उनसे रिलेट भी कर पाती हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से फिल्‍मों में उपमहानगरीय इलाकों में रह रहे मिडिल क्‍लास फैमिली पर फोकस बढ़ा है। एड डायरेक्‍टर से फिल्‍ममेकर बने सुरेश त्रिवेणी ने भी इसी पर फोकस करते हुए बतौर फिल्‍म डायरेक्‍टर डेब्‍यू किया है।

3/8मिडिल क्‍लास फैमिली के छोटे-बड़े सपने

Tumhari Sulu Movie Review in Hindi

फिल्‍म की कहानी के केंद्र में जाहिर तौर पर सुलोचना यानी सुलु है। एक हाउसवाइफ के तौर पर उसने कोई खास उपलब्‍ध‍ियां हासिल नहीं की हैं, लेकिन सपने बड़े हैं। वह खुद और परिवार की नजरों में चैंपियन है। छोटी-बड़ी हर प्रतियोगिता में हिस्‍सा लेती है। लेकिन उसे जब आरजे बनने का दुलर्भ मौका मिलता है तो उसके फैसले से पति, बेटे और परिवार से जुड़े लोगों की जिंदगियां भी प्रभावित होती हैं। एक लेखक के तौर पर त्रिवेणी इस मामले में सफल हुए हैं कि उन्‍होंने कहानी कहने के क्रम में सुलोचना को उसकी पहचान खोने नहीं दी है।

4/8घर, ऑफिस और पॉपुलैरिटी

Tumhari Sulu Movie Review in Hindi

आरजे बनने के बाद सुलु का सामना घरेलू जीवन से आगे कॉरपोरेट जिंदगी से होता है। उसे रातों-रात पहचान मिलती है। लेकिन उसे घर की जरूरतों को भी पूरा करना है। घर और काम के बीच में पॉपुलैरिटी भी है और सुलु इन सब के बीच सामंजस्‍य बिठाने की पूरी कोश‍िश भी करती है। सुरेश त्रिवेणी की कहानी भटकती हुई नहीं जान पड़ती है, लेकिन हां इसमें कसावट की कमी जरूर है।

5/8विद्या की दमदार एक्‍ट‍िंग

Tumhari Sulu Movie Review in Hindi

विद्या बालन फिल्‍म में पूरी तरह से अपने रौ में है। वह सुलु के किरदार को संवेगहीन आशावाद के साथ आगे बढ़ाती हैं, वो भी बिना किसी परेशानी के। सुलु के रूप में उन्‍होंने एक महिला के विभिन्न रंगों को, सपनों को पर्दे पर उतारने की कोश‍िश की है। सुलु एक ऐसा किरदार भी है, जिसने अपने परिवार की वजह से निजी महत्वाकांक्षाओं को कहीं छिपाकर रख दिया था।

6/8मानव कौल ने कैरेक्‍टर में डाल दी है जान

Tumhari Sulu Movie Review in Hindi

फिल्‍म में विद्या के इर्द-गिर्द भी कई दिग्‍गज कलाकार हैं। खासकर मानव कौल ने सुलु के पति अशोक किरदार में जान डाल दी है। अशोक एक ऐसा पति है जो अपनी बीवी को खुश करने के लिए जी-जान लगा देता है। लेकिन काम के दबाव में उसका गुस्‍सा भी झलकता है। सुलु का परिवार भी रेडियो पर देर रात को रसीले अंदाज में उसके बात करने की कला से बहुत रोमांचित नहीं है। यह सब मिलजुलकर सुलु की कहानी में ड्रामा का पुट लाते हैं। पारिवारिक जिम्‍मेदारियां और काम का दवाब के बीच बैलेंस की कमी समस्‍या की जड़ बन जाती है।

7/8यहां खलती है कमी

Tumhari Sulu Movie Review in Hindi

फिल्‍म पहले खुशहाल मिजाज में चल रही होती है, लेकिन फिर यह एक गंभीर ड्रामा में बदल जाती है। यही वो जगह है, जहां ‘तुम्‍हारी सुलु’ दर्शकों को थोड़ा निराश कर सकती है। हालांकि फिल्‍म में ऐसे कई सीन और सीक्‍वेंस हैं, जो खूब गुदगुदाते हैं। खासकर विद्या का अपने साथ कम कर रहे लोगों से बात करने का तरीका फनी है।

8/8वीकएंड पर फैमिली आउटिंग के लिए परफैक्‍ट

शहरों में रह रहे परिवार के दर्शक इस फिल्‍म को खुद से जोड़कर देख पाएंगे। सुलु और उसके परिवार की परेशानी से शहरी दर्शक रिलेट करेंगे। एक परिवार जो और बेहतर जीवन जीने की चाह लिए संघर्ष करता है। कहानी का मर्म यही है कि ‘मैं कर सकती है…’ और यकीनन अगर पर्दे पर विद्या बालन जैसी दमदार अदाकारा हो, तो फिल्‍म का मनोरंजक होना लाजिमी है। कुल मिलाकर पूरे परिवार से साथ इस फिल्‍म को वीकएंड पर देखने जाया जा सकता है।