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Half Girlfriend Review: फीकी एक्‍टिंग, कंफ्यूज्‍ड लव स्‍टोरी

Updated: May 19, 2017 14:43 pm
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हाफ गर्लफ्रेंड फिल्‍म रिव्‍यु

हाफ गर्लफ्रेंड

रेटिंग:

3/5

कास्‍ट:

अर्जुन कपूर, श्रद्धा कपूर, विक्रांत मैसी, सीमा बिस्‍वास

डायरेक्‍टर:

मोहित सूरी

समय:

2 घंटे 15 मिनट

जॉनर:

रोमांस

लैंग्‍वेज:

हिंदी

समीक्षक:

मीणा अय्यर (टीओआई)

1/9कहानी

माधव झा (अर्जुन कपूर) बिहार से है। देसी टाइप। वह दिल्‍ली पढ़ने आता है। कॉलेज में उसकी मुलाकात रिया सोमानी (श्रद्धा कपूर) से होती है। रिया फुल टू इंग्‍लि‍श लड़की है। पैसे वाले परिवार से ताल्‍लुक रखती है। माधव अपनी इस कॉलेज वाली दोस्‍त से प्‍यार करने लगता है। लेकिन कहानी में एक पेच है। रिया साथ तो चलना चाहती है, लेकिन रिश्‍ते को किसी मंजिल तक नहीं पहुंचाना चाहती। तो क्‍या अब बिहार का लड़का और दिल्‍ली की लड़की का यह सफर किसी मुकाम तक पहुंचेगा?

2/9समीक्षा

Half Girlfriend Movie Review in Hindi

‘हाफ गर्लफ्रेंड’ फिल्‍म मशहूर लेखक चेतन भगत की इसी नाम से आई उपन्‍यास पर आधारित है। किताब 2014 में आई थी। लिहाजा, एक अनुमान है कि अध‍िकतर लोग इसे पढ़ चुके हैं। यह भी सच है कि यह उपन्‍यास चेतन की अब तक की सबसे बेहतरीन किताब नहीं कही जा सकती। लिहाजा, ‘आश‍िकी 2’ और ‘एक विलेन’ फेम मोहित सूरी के लिए चुनौतियां बढ़ जाती हैं। वह किताब के पन्‍नों को सेलुलाइड सिनेमा का रोमांच देना चाहते हैं। उसमें थोड़ी मस्‍ती और लार्जर दैन लाइफ टच देना चाहते हैं।

3/9हिंदी लड़का और अंग्रेजी लड़की

kaisi film hai half girlfriend

कल्‍पना कीजिए, एक लड़का जिसे अंग्रेजी उतनी ही आती है कि ‘यस’ और ‘नो’ से आगे ‘एक्‍सक्‍यूज मी’ तक सिमित हो। उसकी जिंदगी में एक ऐसी लड़की आती है जिसके तौर-तरीके ऐसे हैं, मानो ब्रिटेन से अभी-अभी इम्‍पोर्ट हुई हो। हां, दोनों की रूह जहां जाकर एक होती है वो है बाक्‍सेटबॉल और संगीत के प्रति प्रेम। माधव पहले तो रिया के प्रति आकर्ष‍ित होता है, लेकिन बाद में वह उससे बेइंतहा मोहब्‍बत करने लगता है।

4/9दोस्‍त देता है सलाह, लेकिन…

Half Girlfriend Movie Review in Hindi

वैसे, इस बीच में माधव का एक दोस्‍त है शैलेष (विक्रांत मैसी)। वह माधव से कहता है कि जिस रस्‍ते वो चल रहा है, एकतरफा है। लेकिन माधव उसकी नहीं सुनता और बढ़ता जाता है।

5/9‘कमिटमेंट फोबिया’ की शिकार है रिया

हाफ गर्लफ्रेंड फिल्‍म समीक्षा

फिल्‍म आगे बढ़ती है तो माधव और दर्शक दोनों एक ही बात से खीझते हैं। यह है रिया का ‘कमिटमेंट फोबिया’। वह ‘दोस्‍त से ज्‍यादा लेकिन गर्लफ्रेंड से कम’ वाले लाइन पर चलना चाहती है। जबकि यह समझ से परे है और आप फिल्‍म देखते-देखते खुद को रिया से दूर पाते हैं।

6/9किस्‍मत हंसती भी है, मेहरबान भी है

Half Girlfriend Movie Review in Hindi

अब लौटते हैं माधव पर। किस्‍मत माधव पर मेहरबान भी है और उस पर हंस भी रही है। वह रिया से कई बार टकराता है। मिलता है, बिछड़ता है। पटना से न्‍यूयॉर्क तक उसके पीछे जाता है। एक कुटिल स्‍टॉकर की तरह। रोजमर्रा की जिंदगी में भी हमारे समाज का पाला ऐसे स्‍टॉकर से पड़ता है।

7/9फिट नहीं बैठते हैं अर्जुन कपूर

Half Girlfriend Movie Review in Hindi

फिल्‍म का पहला भाग हवा के झोंके की तरह है। बहता चला जाता है। लेकिन इंटरवल के बाद फिल्‍म अटकती जाती है। हीरो के चेहरे पर हमेशा एक ग्‍लानि भाव रहता है। अर्जुन बहुत ही ईमानदार अभ‍िनेता हैं, लेकिन उनके तौर-तरीके, चाल-ढाल, भाव-भंगिमाओं में इस कदर शहरीपन है कि वह ‘बिहारी’ के तौर पर फिट नहीं बैठते। श्रद्धा प्‍यारी लगी हैं, लेकिन यहां उनमें आकर्षण कम है।

8/9सिर्फ एक गाना रहता है याद

फिल्‍म रोमांटिक है तो संगीत और गाने महत्‍वपूर्ण हो जाते हैं। लेकिन ‘मैं फिर भी तुमको चाहूंगा’ के अलावा आपको और कोई गीत याद नहीं रहता। मनोज मुंतशि‍र और मिथुन की जुगलबंदी ने इस गीत में कमाल किया है।

9/9क्‍या हम ऐसी याद चाहते हैं?

Half Girlfriend Movie Review in Hindi

कुल मिलाकर, हाफ गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड एक ऐसी शख्‍स‍ियत है, जिससे हममें से कइयों का स्‍कूल और कॉलेज या बाद के दिनों में सामना हुआ है। वर्तमान से अगर भविष्‍य संवर जाए तो और बात है, लेकिन सवाल यही है कि क्‍या वाकई हम उससे जुड़ी यादों को फिर से जीना चाहते हैं? जाहिर तौर पर यह हमारी मन:स्‍थि‍ति यानी मूड पर निर्भर है।